मेरी डायरी

दिल की बातें, दिल की यादें

6 Posts

17 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 20684 postid : 839967

हम बच्चे तो इंसान के थे-कविता

Posted On: 21 Jan, 2015 social issues,कविता,Hindi Sahitya में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

ना इंडिया ना पाकिस्तान के थे, हम बच्चे तो इंसान के थे..
कोई किसी से बैर नहीं था, हम प्यारे सबकी जान के थे.

आख़िरी सुबह जब अम्मी मुझे जगाने आई थी,
मना किया उठने को तो अपनी कसम दिलाई थी.
बोली बेटा उठ जा, आज तेरा है हैप्पी बर्थडे,
नहीं पता था अम्मी को, आज ही मेरी विदाई थी.

अम्मी बोली बेटा तू अब, हो गया सोलह साल का,
प्यार से अब्बू ने किया, स्पर्श मेरे गाल का.
कहा मैंने अब्बू से क्या देंगे मुझको गिफ्ट में,
अब्बू ने कहा देंगे बेटा गिफ्ट कमाल का.

फिर स्कूल में दोस्तों ने मुझे विश किया,
किसी ने गले लगाया, किसी ने गाल पे किस किया.
मैंने कहा लंच के बाद लेना पार्टी,
मेरी बर्थडे पार्टी सभी दोस्तों ने मिस किया..

जब आतंकी घुसे क्लास में गन लेकर,
छुप गया मै बेंच के निचे डर कर.
मेरी बेस्ट फ्रेंड भी चुपके से नीचे आ गयी,
बोली मुझे चाहिए पार्टी सबसे हट कर.

तभी एक गोली उसके सीने से होकर पार गयी,
ज़िन्दगी दो पल में उसकी, मौत से हार गयी.
कुछ खून के धब्बे, पड़े चेहरे पर मेरे,
और फ़र्श पर उसके लहू की इक लम्बी धार गयी.

लाशें देख क्लासरूम में, गुस्से पर कंट्रोल नहीं था,
सारे दोस्त हमारे थे, जिनका कोई मोल नहीं था.
गुस्सा, डर और मातम, सबकुछ था मेरे मन में,
कितना गुस्सा कितना डर था, इसका कोई तोल नहीं था.

आँखें नम थी, हाथ लाल थे, दिल तेजी से धड़क रहा था,
मुझे पता था कसम ख़ुदा की, ख़ुदा का दिल भी दहल रहा था.
क्या देंगे अम्मी-अब्बू मुझको गिफ्ट कमाल का,
यही सोच कर अम्मी-अब्बू से, मिलने को दिल तड़प रहा था.

सोच लिया मैंने भी, सबके साथ मुझे भी मरना है,
वादा जो किया था दोस्तों से कि बर्थडे पार्टी करना है.
खुद उठ कर मैंने बोला, ले मार मुझे गोली सीने पर,
हैं दोस्त मेरे सब पास ख़ुदा के, मुझको भी अब चलना है.

मरते-मरते बस तुम सबसे, कहनी है इक बात मुझे,
ये पालतू कुत्ते हैं, इन कुत्तों से क्यों डरते हो,
कुत्ते पालने से पहले, क्यों नहीं सोचा करते हो.
कुत्ते तो कुत्ते थे आख़िर, अपनी औकात दिखा डाली,
अब तो सब देखेंगे तुम इन कुत्तों का क्या करते हो.

– अभिमन्यु ASY
–7068745795



Tags:     

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 4.50 out of 5)
Loading ... Loading ...

8 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

arpita singh के द्वारा
January 21, 2015

आपकी कविता दिल को छू लेने वाली है..thank u for posting such a nice poem….

January 22, 2015

sundar bhavnatmak abhivyakti .badhai

Abhi ASY के द्वारा
January 22, 2015

thank u very much shalini ji,.,.,

Abhi ASY के द्वारा
January 22, 2015

thank u

Lanette के द्वारा
October 17, 2016

:: Untuk proses update, memang harus megugnnakan Apple ID yang dipakai untuk download aplikasi tersebut. Solusinya adalah hapus aplikasi tersebut, kemudian download lagi dengan menggunakan ID baru, dengan resiko Anda harus membeli kembali aplikasi tersebut.


topic of the week



latest from jagran